ग्रेटर कानपुर योजना: 2000 हेक्टेयर में नया शहर, बनेगा यूपी का अगला स्मार्ट हब

कानपुर में ग्रेटर कानपुर योजना के तहत 11 गांवों की 2000 हेक्टेयर जमीन पर स्मार्ट सिटी की तर्ज पर नया शहर विकसित किया जा रहा है। जानिए इसमें क्या-क्या खास होगा।

क्या है ग्रेटर कानपुर योजना?

उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में अब एक नया शहर बसने जा रहा है—ग्रेटर कानपुर। यह योजना ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर तैयार की जा रही है, जिसमें 2000 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है।
यह क्षेत्र भौंती से 5 किलोमीटर और भीमसेन रेलवे स्टेशन से 2 किलोमीटर की दूरी पर होगा।

किन क्षेत्रों में होगी ग्रेटर कानपुर की स्थापना?

ग्रेटर कानपुर योजना के लिए चयनित गांवों में जामू, धौरी, सेन पश्चिम पारा, सेन पूरब पारा, बगहा, पतेहुरी, गोपालपुर, गंभीरपुर, कैथा, सरनेतपुर, डांडे का पुरवा, दुर्जनपुर और इटारा शामिल हैं। यह सभी गांव भौंती बाईपास के पास स्थित हैं और चैनल नंबर 82 से 87 के बीच यह योजना विकसित की जाएगी।

क्यों खास है ये योजना?

  • रिंग रोड और भीमसेन स्टेशन के आसपास विकास
  • ड्रोन सर्वे और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया तेज
  • 15 दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश
  • हर क्षेत्र का स्थल निरीक्षण जारी

तीन बड़े पार्क: EV, मेडिसिटी और MSME

EV पार्क:

  • इलेक्ट्रिक वाहन निर्माण केंद्र
  • स्कूटी, बाइक, ई-रिक्शा से लेकर लग्जरी कारों का निर्माण

मेडिसिटी पार्क:

  • दवाओं का निर्माण और मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर

MSME पार्क:

  • लघु और मध्यम उद्योगों के लिए समर्पित क्षेत्र
  • स्टोरेज के लिए वेयरहाउस बनाए जाएंगे
  • 10,000+ लोगों को मिलेगा रोजगार

सभी वर्गों के लिए आवास की सुविधा

  • मध्यम वर्ग (MIG) से लेकर उच्च वर्ग (HIG) के लिए प्लॉट
  • ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के लिए खास हाउसिंग योजना
  • ग्रुप हाउसिंग और मल्टी स्टोरी अपार्टमेंट की योजना

सर्वे और मुआवजा प्रक्रिया

  • सर्वे 15 दिनों में पूरा होगा
  • किसानों/काश्तकारों को मिलेगा चार गुना मुआवजा
  • स्थलीय निरीक्षण शुरू, ड्रोन मैपिंग पूरी

केडीए के उपाध्यक्ष मदन सिंह गर्ब्याल के अनुसार, इस योजना के लिए किसानों और भूमि मालिकों को उनकी जमीन की बाजार कीमत से चार गुना अधिक मुआवज़ा दिया जाएगा। सर्वे और कागजी प्रक्रिया 15 दिनों में पूरी कर ली जाएगी।

“ग्रेटर कानपुर योजना न सिर्फ एक नया शहर है, बल्कि कानपुर की आर्थिक और बुनियादी संरचना को नई ऊंचाई देने वाला कदम है। रोजगार, आवास और औद्योगिक विकास—तीनों क्षेत्रों में यह योजना कानपुर को एक नई पहचान देने की क्षमता रखती है।”

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