कानपुर सेंट्रल स्टेशन की भीड़ कम करने के लिए रेलवे ने बड़ा फैसला लिया है। अब वंदे भारत समेत 100 ट्रेनें गोविंदपुरी, पनकी और अनवरगंज स्टेशनों से चलेंगी। जानिए पूरी लिस्ट और यात्रियों को मिलने वाले फायदे।
क्यों लिया गया ये बड़ा फैसला?
रेलवे ने शहर के लगभग 30 लाख यात्रियों को राहत देने के लिए कानपुर सेंट्रल स्टेशन से ट्रेनों का दबाव कम करने का निर्णय लिया है। इसके तहत कई ट्रेनें अब गोविंदपुरी, पनकी धाम और अनवरगंज स्टेशन पर शिफ्ट की जाएंगी।
गोविंदपुरी स्टेशन को क्यों चुना गया?
अमृत भारत योजना के तहत हुआ विकास
गोविंदपुरी स्टेशन को अमृत भारत योजना के तहत 25.50 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक बनाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका उद्घाटन 22 मई को वर्चुअली किया था।
- उत्तर मध्य रेलवे का पहला पिंक स्टेशन
- चौड़ा पैदल पुल और आधुनिक प्लेटफॉर्म
- महिलाओं की सुरक्षा के विशेष इंतजाम
गोविंदपुरी से अब कितनी ट्रेनें गुजरेंगी?
100 ट्रेनें — जुलाई से नया रिकॉर्ड
अब गोविंदपुरी से कुल 100 ट्रेनें गुजरेंगी — पहले 60, अब 40 नई ट्रेनें जुड़ रही हैं। इससे साउथ कानपुर और आसपास के मुहल्लों को सीधा फायदा होगा।
कौन-कौन सी ट्रेनें होंगी शिफ्ट?
जुलाई में शुरू होने वाली प्रमुख ट्रेनें:
- 12379 सियालदह-अमृतसर – 25 जुलाई
- 12329 सियालदह-आनंद विहार – 29 जुलाई
- 12443 हल्दिया-आनंद विहार – 24 जुलाई
- 12395 राजेंद्र नगर-अजमेर – 30 जुलाई
- 12581/22581 बनारस-बलिया-नई दिल्ली – 24 जुलाई
- 22449 गुवाहाटी-नई दिल्ली – 26 जुलाई
- 12801 पुरी-नई दिल्ली – 24 जुलाई
- और अन्य दर्जनों ट्रेनें…
पनकी और अनवरगंज स्टेशन पर भी होंगी 50 ट्रेनें शिफ्ट
पनकी धाम और अनवरगंज स्टेशन को भी अपग्रेड किया जा रहा है। यहां 50 से अधिक ट्रेनें शिफ्ट की जाएंगी, जिससे उन इलाकों के यात्रियों को सुविधा मिलेगी और ट्रैफिक बेहतर मैनेज हो सकेगा।
यात्रियों को क्या मिलेगा फायदा?
- कानपुर सेंट्रल की भीड़ से राहत
- पास के स्टेशनों से सीधी ट्रेन सुविधा
- वंदे भारत एक्सप्रेस समेत प्रीमियम ट्रेनों का ठहराव
- आधुनिक सुविधाओं के साथ स्मार्ट स्टेशन का अनुभव
रेलवे का यह निर्णय न सिर्फ कानपुर सेंट्रल का दबाव कम करेगा, बल्कि शहर के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्से के यात्रियों को सीधी सुविधा देगा। गोविंदपुरी, पनकी और अनवरगंज अब नए रेलवे हब बनकर उभर रहे हैं।
